कोरोना काल में 7 महीनों बाद पहली बार एक साथ 100 नमाज़ियों ने अदा की जुमे की नमाज़
वाराणसी। कोरोना काल में सभी मस्जिदों में इबादत के लिए सिर्फ पांच लोगों को शासन की तरफ से इजाज़त दी गयी थी। कोरोना काल में रमज़ान के पाक महीने में भी मस्जिदों में जाने की मनाही थी। ऐसे में अनलॉक के दौर में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कोविड गाइडलाइन के अनुपालन में मस्जिदों के प्रबंधकों को 100 लोगों के द्वारा नमाज़ की अदायगी की अनुमति दी थी।
इस अनुमति के बाद 16 अक्टूबर को शहर की ज़्यादातर मस्जिदों में कोविड गाइडलाइन के अनुपालन में 100 लोगों ने 7 महीने बाद एक साथ जुमे की नमाज़ अदा की और अल्लाह का शुक्र अदा किया। इस दौरान नमाज़ियों ने अल्लाह की बारगाह में सजद ए शुक्र कर मुल्क से इस वबा के खात्मे की दुआ भी की।
शहर की मस्जिदें आज गुलज़ार दिखी। 7 महीने बाद जिलाधिकारी ने 100 आदमियों को नमाज़ अदा करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद नमाज़ी मस्जिदों में जाते देखे गए और नमाज़ियों ने नमाज़ भी पढ़ी। शहर की नदेसर स्थित मस्जिद में गेट पर ही हर नमाज़ी के हाथ को सेनिटाइज़ करवाया जा रहा था। मास्क के साथ लोग मस्जिद में प्रवेश कर रहे थे।
इस सम्बन्ध में मस्जिद के इमाम ने बताया कि अल्लाह का लाख लाख शुक्र है कि इस वबा के दौर में हमें उसकी बारगाह में इबादत करने का मौक़ा शासन ने मौक़ा दिया है। हम सबने आज मुल्क से इस वबा के खात्मे के लिए दुआ की है। नमाज़ी नियाज़ अहमद ने कहा कि दिल को आज सात महीनों बाद सुकून मिला है जब हम मस्जिद में नमाज़ अदा करने आये हैं। नियाज़ ने बताया कि रमज़ान से लेकर आज तक हम लोग घरों में अपने बच्चों और बड़ों के साथ जुमे की नमाज़ आता करते आये हैं।
वहीं नमाज़ी दिल मोहम्मद ने बताया कि अल्लाह का करम है कि आज हम सभी ने मस्जिद में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ नमाज़ पढ़ी।

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